जिसने संभाली कमान, उससे पूछे बगैर तय हुआ नाम? गठबंधन का नाम INDIA रखने से नीतीश नहीं थे खुश! जानें वजह

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पटना. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नहीं चाहते थे कि विपक्षी गठबंधन का नाम INDIA रखा जाए क्योंकि इसमें भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले ‘नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस’ (NDA) के तीन अक्षर शामिल हैं. सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि बेंगलुरु में सोमवार को विपक्षी दलों की हुई एक अनौपचारिक बैठक में सबके सामने INDIA नाम का प्रस्ताव रखा गया. सभी विपक्षी नेताओं से नाम पर सुझाव मांगे गए और बाद में मंगलवार को सभी इस पर सहमत हो गए. और आखिर में नीतीश कुमार ने भी नाम पर सहमति जताई. एक सूत्र ने बिहार के मुख्यमंत्री के हवाले से कहा, ‘ठीक है, अगर आप सभी इससे (इंडिया नाम) से सहमत हैं, तो यह ठीक है.’

विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) के नेता थोल थिरुमावलवन ने कहा कि इस नाम का प्रस्ताव तृणमूल कांग्रेस पार्टी की प्रमुख एवं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिया था. वीसीके प्रमुख ने एएनआई को बताया, “विपक्षी गठबंधन का नाम INDIA ममता बनर्जी द्वारा प्रस्तावित किया गया था. लंबी चर्चा के बाद इसे ‘भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन’ कहे जाने का निर्णय लिया गया.”

दूसरी ओर, कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि राहुल गांधी ने बैठक में चर्चा के दौरान गठबंधन के नाम को INDIA सही ठहराया. श्रीनेत ने एएनआई को बताया, ‘यह एक सामूहिक प्रयास है. हम सभी एक साथ बैठे और हम सभी ने नाम तय किए. राहुल गांधी ने इसका नेतृत्व किया, उन्होंने नाम को उचित ठहराया कि यह INDIA क्यों होना चाहिए. उन्होंने इसके लिए तर्क दिए.’ श्रीनेत ने कहा, “यह लड़ाई किसके बीच है? यह लड़ाई ‘एनडीए और इंडिया’ के बीच है, यह लड़ाई भारत की अवधारणा के लिए है, यह लड़ाई भारत की आवाज के लिए है, यह लड़ाई भारत के संविधान के लिए है.”

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यह भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि बेंगलुरु में विपक्षी दलों की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में नीतीश कुमार और लालू यादव मौजूद नहीं थे क्योंकि मौसम विभाग ने खराब मौसम की भविष्यवाणी की थी और नीतीश कुमार को सम्मेलन के लिए देर हो रही थी. इसके अलावा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश कुमार जैसे कई विपक्षी नेता भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद नहीं थे.

बेंगलुरु में विचार-मंथन के लिए मिले 26 दलों के प्रतिनिधियों ने अभियान प्रबंधन और विभिन्न उप-समितियों के कामकाज के समन्वय के लिए सभी प्रमुख दलों सहित 11 सदस्यीय समन्वय समिति और दिल्ली में एक सचिवालय स्थापित करने का भी निर्णय लिया जो विशिष्ट मुद्दों को उठाएगा. विपक्ष की अगली बैठक मुंबई में होगी, जहां 11 सदस्यीय समन्वय समिति गठित की जायेगी. बैठक के तारीख की घोषणा जल्द ही की जाएगी. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि समिति के सदस्यों के नामों की घोषणा आगामी मुंबई बैठक में होगी.

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