Parliament Security Breach: आतंकी साजिश! गिरफ्त में आए 4 आरोपियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस के गंभीर आरोप

By Top Hindustan

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Parliament Security Breach मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों की अब खैर नहीं… दरअसल उन चारों आरोपियों पर दिल्ली पुलिस द्वारा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत चार्ज किया गया है. बता दें कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने UAPA की धारा 16 (punishment for terrorist act) और 18 (punishment for conspiracy) और आईपीसी की धारा 120बी (criminal conspiracy), 452 (trespass), 153 (wantonly giving provocation, with intent to cause riot) के तहत मामला दर्ज किया है.

इसके साथ ही दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आए चारों आरोपियों पर 186 (obstructing public servant in discharge of public functions), 353 (assault or criminal force to deter public servant from discharge of his duty) और 353 (assault or criminal force to deter public servant from discharge of his duty) की धारा के तहत चार्ज किया गया है.

वहीं इस मामले में अतिरिक्त जानकारी देते हुए दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि, मामले में पांचवें संदिग्ध को बुधवार को गुरुग्राम से पकड़ लिया गया है, जबकि छठे आरोपी और घटना के मुख्य साजिशकर्ता ललित झा को पकड़ने के लिए कई छापे मारे जा रहे हैं.

दिल्ली पुलिस ने बताया कि, सुरक्षा उल्लंघन अच्छी तरह से समन्वित और सावधानीपूर्वक योजनाबद्ध था. गिरफ्त में आए सभी चार आरोपियों – सागर शर्मा (26), मनोरंजन डी (34), अमोल शिंदे (25) और नीलम देवी (37) से दिल्ली के चाणक्यपुरी में राजनयिक सुरक्षा बल के कार्यालय में जांच और पूछताछ की गई है, जिसमें एक आरोपी ने बताया कि वे किसानों के विरोध प्रदर्शन, मणिपुर संकट और बेरोजगारी जैसे मुद्दों से परेशान थे और इसीलिए उन्होंने इस कृत्य को अंजाम दिया. वहीं आज संसद सुरक्षा के लिए आठ सिक्योरिटी पर्सनल को सुरक्षा उल्लंघन के बीच उनकी लापरवाही के चलते निलंबित कर दिया गया था.

क्या हुआ था उस दिन?

कल यानि 13 दिसंबर बुधवार के दिन, संसद परिसर पर आतंकवादी हमले की 22वीं बरसी थी, तब दो व्यक्ति सागर और मनोरंजन, विजिटर गैलरी में बैठ कर सदन की कार्रवाही देख रहे थे. इसी बीच अचानक दोनों सदन में कूद पड़े और जोर-जोर से नारे लगाने लगे, साथ ही एक स्मोक स्टिक से पीले रंग का धुआं छोड़ने लगे. वहीं इसी दौरान, संसद के बाहर अमोल और नीलम ने  “तानाशाही नहीं चलेगी” के नारे लगाने लगे और कनस्तरों से रंगीन धुआं छिड़कने लगे.

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