लालू यादव देने वाले हैं बड़ा भोज, विपक्षी एकता मीटिंग के बाद राबड़ी आवास में होगी बड़ी दावत, जानिए वजह

by Top Hindustan
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पटना: खबर है कि आरजेडी प्रमुख लालू यादव इस महीने एक बड़ा भोज देने वाले हैं. वह राबड़ी आवास में एक शानदार पार्टी का आयोजन करने वाले हैं. यह भोज वह पोती कात्यायनी की जन्म की खुशी में देने वाले हैं. राबड़ी आवास में भोज का आयोजन इस महीने की अंतिम सप्ताह में हो सकता है. बैंगलुरु में बीजेपी विरोधी दलों की बैठक के बाद इसका आयोजन किया जा सकता है. बीमारी और अदालती मामलों की वजह से लालू यादव लंबे समय से बिहार से बाहर थे. अब जब उन्होंने किडनी ट्रांसप्लांट करा लिया है और कोर्ट कचहरी के मामलों में भी उन्हें अभी थोड़ी राहत है तो वह पोती के जन्म की खुशी में एक बड़ी दावत देने जा रहे हैं.

लालू यादव की पोती का जन्म 27 मार्च को हुआ था. तब चैत नवरात्रि का छठा दिन था. नवरात्रि के छठे दिन जन्म होने की वजह से उन्होंने अपनी पोती का नाम कात्यायनी रखा है. कात्यायनी मां दूर्गा के छठे स्वरूप का नाम है.

लगातार बीमार रह रहे थे लालू यादव

लालू परिवार में कात्यायनी की जन्म के बाद खुशी का माहौल था. लालू यादव पत्नी राबड़ी देवी के साथ पोती को दुलारते नजर आए थे. कुछ दिनों के बाद तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर जानकारी दी थी कि पिता लालू प्रसाद ने बेटी का नाम कात्यायनी रखा है. लालू यादव तब ही पोती के जन्म के उपलक्ष्य पर बड़ी पार्टी करना चाहते थे लेकिन स्वास्थ्य कारणों से उन्हें डॉक्टरों ने पटना आने की इजाजत नहीं दी थी.

तेजस्वी की शादी का पार्टी भी था ड्यूज

अब जब लालू यादव पहले की अपेक्षा स्वस्थ्य हैं. बेटे तेजस्वी यादव के साथ दिल्ली से पटना लौट आए हैं. तब वह पटना में एक बड़ा दावत देने वाले हैं. कहा जा रहा है कि लालू यादव ने आरजेडी विधायकों की बैठक में इस बात का ऐलान भी किया है. लालू परिवार तेजस्वी यादव की शादी के बाद भी भोज का आयोजन नहीं कर सका था. कोरोना और लालू यादव की तबीयत खराब होने के बाद शादी का रिसेप्शन नहीं हुआ. पहले कहा गया था कि 2022 में मकर संक्राति के मौके पर लालू यादव एक बड़ा भोज करेंगे.

भोज में होगा सियासी जुटान

वैस तो यह भोज लालू यादव अपनी पोती के जन्म की खुशी में दे रहे हैं लेकिन इसका सियासी असर भी दिखेगा. लालू यादव महागठबंधन में दरार की खबरों के बीच भोजकर नीतीश कुमार समेत महागठबंधन के सभी नेताओं को बुलाकर महागठबंधन की एकजुटता दिखाने की कोशिश कर सकते हैं. इसके साथ ही वह बीजेपी विरोधी दलों के नेताओं को भी इस मौके पर आमंत्रित कर सकते हैं.

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