3 महीने से चल रहीं तैयारियां, भारत में कैसी रहेगी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की सुरक्षा? पूरी डिटेल

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DESK: अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन का जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए नई दिल्ली आना तय है. शुक्रवार को जो बाइडेन की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय वार्ता भी होनी है, उसके बाद शनिवार और रविवार को वह शिखर सम्मेलन में मौजूद होंगे. इस तीन दिन के दौरे के लिए पिछले कई हफ्तों से तैयारी हो रही है. जब जो बाइडेन नई दिल्ली में होंगे, तब उनकी पूरी सुरक्षा व्हाइट हाउस के ही गार्ड्स के हाथ में होगी. अमेरिकी राष्ट्रपति अपनी गाड़ी से ही चलेंगे, इसके अलावा कंट्रोल रूम से हर एक गतिविधि पर नज़र रखी जाएगी.

कैसी होगी जो बाइडेन की सुरक्षा?

अमेरिका के राष्ट्रपति जहां भी जाते हैं वहां उनकी खुद की सुरक्षा होती है. ऐसा ही जी-20 के लिए भी किया जा रहा है. नई दिल्ली में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां से जो बाइडेन के पूरे रूट पर नज़र रखी जाएगी. महंगी गाड़ियां, हथियार, बुलेट समेत कई अन्य सुरक्षा से संबंधित सामान को पहले ही यहां पर लाया जा चुका है.

एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले करीब 2-3 महीने से जो बाइडेन के इस दौरे की तैयारी हो रही है. व्हाइट हाउस के अधिकारी लंबे वक्त से दिल्ली स्थित अमेरिका की एम्बेसी के संपर्क में थे, यहां से ही पूरी प्लानिंग चल रही थी. जो कंट्रोल रूम तैयार किया जा रहा है, उसके जरिए पूरा कम्युनिकेशन सिस्टम तैयार होगा. सभी सुरक्षागार्ड, प्रेसिडेंट की टीम यहां से टच में रहेंगे, इसके अलावा मेडिकल टीम भी एक्टिव रहेगी.

ऐसी होती है अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा

कहां रुकेंगे अमेरिकी राष्ट्रपति?

अमेरिका की सरकार ने इसके लिए भारत की सुरक्षा एजेंसियों से भी संपर्क साध लिया है. क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति का पूरा दौरा मिनट टू मिनट तय होता है, ऐसे में ये संपर्क जरूरी है. अपने 3 दिन के दौरे के दौरान जो बाइडेन प्रधानमंत्री आवास और प्रगति मैदान का ही दौरा करेंगे. जो बाइडेन दिल्ली के होटल आईटीसी मौर्य में रुकेंगे, उनसे पहले भी जो अमेरिकी राष्ट्रपति भारत आए हैं वो भी इसी होटल में रुके हैं.

रिपोर्ट में दावा है कि होटल के करीब 400 कमरों को बुक किया गया है, जो बाइडेन यहां प्रेसिडेंशियल सूट में रुकेंगे. पहले उनके साथ अमेरिका का फर्स्ट लेडी जिल बाइडेन आने वाली थीं, लेकिन उन्हें कोरोना हो गया है ऐसे में अभी उनके आने पर संशय बना हुआ है. अमेरिकी राष्ट्रपति दिल्ली में अपनी गाड़ी से ही चलेंगे, जिसे द बीस्ट कहा जाता है. इस कार की कीमत करीब डेढ़ मिलियन डॉलर से भी ज्यादा की है, ये गाड़ी बुलेट से लेकर बम तक का हमला झेल सकती है.

चप्पे-चप्पे पर नजर

काफिले में होंगी 25 गाड़ियां

G-20 शिखर सम्मेलन के आयोजन स्थल प्रगति मैदान के भारत मंडपम तक जाने वाले हर देश के प्रमुख के काफिले में 14 से ज्यादा कारें नहीं होंगी, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति के काफिले को इस मामले में थोड़ी छूट मिल सकती है. अमेरिकी राष्ट्रपति के काफिले में चलने वाली कारों की संख्या 15 से 25 तक हो सकती है.

अगर यूएस सीक्रेट सर्विस और लोकल एजेंसियों को कोई खतरा लगता है तो क्लास 3 या उससे ऊंचे दर्जे के खतरों पर एक्शन लिया जाता है. यानी ऐसे लोगों की पहले ही गिरफ्तारी कर ली जाती है, जो अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं. इसके अलावा जहां जहां से अमेरिकी राष्ट्रपति को गुजरना होता है, उस रास्ते पर बम सूंघने वाले स्निफर डॉग के साथ बार बार चेकिंग की जाती है.

अगर जी-20 समिट की बात करें तो इसका मुख्य शिखर सम्मेलन 9 और 10 सितंबर नई दिल्ली के प्रगति मैदान में होगा. यहां भारत मंडपम बनाया गया है, जिसमें जी-20 से जुड़ी सभी बैठक होंगी. इस सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शामिल नहीं होंगे, बल्कि उनके प्रतिनिधि यहां आएंगे. वैसे इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए करीब 30 से अधिक देशों, संगठनों के प्रमुख आ रहे हैं.

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